काली मिर्च के फायदे और नुकसान – Black Pepper Benefits And Side Effects in Hindi

प्रमुख भारतीय मसालों में से काली मिर्च (black pepper) का इस्तेमाल खाने का स्वाद और खुशबू बढ़ाने के लिए किया जाता है। इसकी तासीर गर्म होती है और इसे देश के विभिन्न कोनों में अलग- अलग नामों से जाना जाता है। काली मिर्च का वैज्ञानिक नाम पाइपर निग्राम (piper nigram) है, जिसका इस्तेमाल दवा और मसाले, दोनों के तौर पर किया जाता है। इसमें मौजूद पिपेरिन (piperine) के कारण इसका स्वाद काफी तीखा होता है। काली मिर्च में कई तरह के खनिज और विटामिन (vitamin) पाए जाते हैं। यह विटामिन ए, विटामिन सी, विटामिन ई, विटामिन के और विटामिन बी 6 से भी भरपूर है। इन वजहों से यह स्वाद के साथ ही सेहत के लिए भी बेहद लाभकारी है। काली मिर्च बेहद गर्म होती है और इसीलिए इसके तमाम फायदे होने के बावजूद इसका इस्तेमाल सीमित तौर पर ही करना चाहिए। स्वाद में कड़वी काली मिर्च का उपयोग कई तरह के रोगों को खत्म करने के लिए किया जाता है।

काली मिर्च के फायदे – Benefits Of Black Pepper

भूख बढ़ाए

भोजन का स्वाद बेहतर करने के साथ ही काली मिर्च भूख बढ़ाने का काम भी करती है। अपनी खुशबू के माध्यम से काली मिर्च लोगों की भूख को बढ़ाती है। भूख कम लगती हो तो आधी चम्मच काली मिर्च और गुड़ का मिश्रण तैयार कर लें। प्रतिदिन इसका सेवन करें।

कैंसर से बचाव

काली मिर्च में एंटीऑक्सीडेंट (antioxidant) पाए जाते हैं, जो ब्रेस्ट कैंसर (cancer) से लड़ने में सहायक होते हैं। काली मिर्च में मौजूद पिपेरिन कई तरह के कैंसर से लड़ने में मदद करता है। प्रोस्टेट कैंसर में उपयोग की जाने वाली कीमोथेरेपी दवा में भी पिपेरिन पाया जाता है। 

बढ़ाए पाचन शक्ति – Enhanced Digestive System

काली मिर्च टेस्ट बड्स को उत्तेजित करती है और पेट में हाइड्रोक्लोरिक एसिड के स्त्राव को भी बढ़ाती है। इससे बेहतर और स्वस्थ पाचन क्रिया में मदद मिलती है। पाचन में सुधार करके काली मिर्च पेट में सूजन, पेट के फूलने, अपच, पेट में गैस और कब्ज जैसी समस्याओं से भी निजात दिलाती है।

टेंशन होगी दूर – Reduces Tension

काली मिर्च में मौजूद पिपेरिन में एंटी डिप्रेसेंट गुण पाए जाते हैं। इसीलिए काली मिर्च के सेवन से तनाव और डिप्रेशन संबंधी समस्याएं दूर होती हैं।

काली मिर्च के फायदे अच्छे पाचन के लिए – Black pepper for Improve Digestion 

कुछ लोगों को अक्सर पेट में गैस बनने या एसिडिटी होने की समस्या का सामना करना पड़ता है। अगर आपके साथ भी ऐसा है तो नींबू के रस में काला नमक और काली मिर्च का पाउडर मिलाकर उसका चुटकी भर सेवन करें। दर्द में तुरंत आराम मिलेगा। दस्‍त, कब्‍ज और पेट दर्द से बचने के लिए अच्‍छे पाचन की आवश्‍यकता होती है। काली मिर्च का सेवन करने से पेट में हाइड्रोक्‍लोरिक एसिड का उत्‍पादन बढ़ जाता है जिससे पाचन व्‍यवस्‍था मजबूत होती है। काली मिर्च आंतों की गैस (intestinal gas) के गठन को रोकने में मदद करता है और जब किसी व्‍यक्ति के आहार में जोड़ा जाता है तो यह पसीना और पेशाब को बढ़ावा देता है। पसीना विषाक्‍त पदार्थों को दूर करने में मदद करता है और शरीर के अतिरिक्‍त पानी को भी हटा देता है।

इसका सेवन करने से आप पेशाब के माध्‍यम से शरीर के अतिरिक्‍त पानी, यूरिक ऐसिड, यूरिया, और वसा को हटा सकते हैं। एक अच्‍छा पाचन तंत्र वजन घटाने में मदद करता है, जिससे आपका शरीर बेहतर काम करता है। यह गंभीर गैस्‍ट्रोइंटेस्‍टाइनल स्थितियों को रोकता है। काली मिर्च शरीर से गैस को आसानी से नीचे की गति में निकाल देती है, गैस का ऊपर या मुंह से निकलना खतरनाक हो सकता है क्‍योंकि यह ऊपरी वक्ष गुहा (chest cavity) और अन्‍य महत्‍वपूर्ण अंगों को रोक सकती है।

मसूड़ों की कमजोरी हो दूर

अगर आपके मसूड़ों में दर्द रहता हो तो काली मिर्च आपके लिए रामबाण उपाय है। काली मिर्च, माजूफल और सेंधा नमक को बराबर मात्रा में मिला लें। अब इस चूरन को सरसों के तेल में मिलाकर दांतों और मसूड़ों में लगाएं और आधे घंटे बाद मुंह साफ कर लें।

घाव में राहत

अगर किसी तरह का घाव हो गया हो या खून न रुक रहा हो तो काली मिर्च को पीसकर उस पर लगा लें। काली मिर्च एंटीबैक्टीरियल, एंटीसेप्टिक और दर्द निवारक होती है, जिससे घाव जल्दी भर जाता है।

पेट के कीड़े हों दूर

खाने में काली मिर्च के पाउडर का इस्तेमाल करने से पेट में कीड़ों की समस्या दूर होती है। काली मिर्च के साथ किशमिश खाने से भी इस समस्या से निजात मिलता है।

सर्दी से राहत

काली मिर्च के इस्तेमाल से कफ कम होता है और भरी हुई नाक व कंजेशन को साफ करने में भी मदद मिलती है। इसमें रोगाणुरोधी गुण पाए जाते हैं, जिसकी वजह से सर्दी- जुकाम की स्थिति में काली मिर्च का इस्तेमाल करने की सलाह दी जाती है।

गठिया का इलाज – Arthritis

काली मिर्च में मौजूद पिपेरिन (piperine) में एंटी- इंफ्लेमेट्री और एंटी- गठिया गुण पाए जाते हैं, जिनसे गठिया के इलाज में काफी फायदा मिलता है। काली मिर्च का तेल त्वचा को गर्माहट देता है, गठिया के दर्द से पीड़ित लोग इसका इस्तेमाल कर सकते हैं।

त्वचा रोग हों दूर

काली मिर्च से विटिलिगो (त्वचा रोग), चेहरे पर महीन लाइन, सिकुड़न व अन्य त्वचा संबंधी समस्याएं दूर होती हैं।

मुहांसे हों दूर

काली मिर्च के 20 दानों को गुलाबजल के साथ पीसकर रात को सोने से पहले चेहरे पर लगाएं और सुबह गर्म पानी से चेहरा साफ कर लें। इससे कील- मुहांसे व झुर्रियों की समस्या खत्म होती है और चेहरा साफ हो जाता है।

जी मिचलाना

अगर किसी को अक्सर जी मिचलाने की समस्या हो तो उस व्यक्ति को काली मिर्च चबानी चाहिए। इससे जी मिचलाने की समस्या से निजात मिलती है।

चक्कर आना

चीनी और घी में काली मिर्च का चूर्ण मिला लें, इसका सेवन करने से सिर का चकराना कम होता है।

अकड़न

कभी- कभी अचानक शरीर के अकड़ जाने पर शरीर को हिलाने- डुलाने में भी परेशानी होती है। ऐसे में काली मिर्च को ठंडे पानी में बारीक पीस लें और फिर रोगी के पूरे शरीर पर इस लेप को लगा दें।

बुखार

पुराने बुखार से पीड़ित रोगी को काली मिर्च का काढ़ा बनाकर पिलाना चाहिए। वहीं, मलेरिया (malaria) से पीड़ित व्यक्ति को काली मिर्च के चूरन और तुलसी के रस को शहद में मिलाकर पीना चाहिए। इससे मलेरिया जैसे बुखार से ठीक होने में मदद मिलती है।

कफ वाली खांसी

काली मिर्च और मिश्री को बराबर मात्रा में पीस लें, अब इसे देसी घी में मिलाकर बेर के आकार की गोलियां बना लें। दिन में 3- 4 बार 1- 1 गोली चूसने से गीली खांसी दूर होती है और कफ भी निकल जाता है।

हिचकी होगी बंद

हिचकी से परेशान लोगों को काली मिर्च के चूर्ण को शहद (honey) के साथ मिलाकर चाटना चाहिए। अगर अक्सर ही बहुत ज्यादा हिचकी आती हो तो काली मिर्च को तवे पर जलाकर उसका धुआं सूंघें। इससे हिचकी को दूर करने में मदद मिलती है।

काली मिर्च के नुकसान – Side Effects of Black Pepper

माना कि काली मिर्च के स्वास्थ्य लाभों से इनकार नहीं किया जा सकता है मगर इसको अधिक मात्रा में खाने से यह नुकसानदेह भी साबित हो सकती है। जानिए, काली मिर्च के नुकसान के बारे में।

1. काली मिर्च की तासीर गर्म होती है, इसके ज्यादा सेवन से पेट में जलन हो सकती है। यह जलन स्थायी होती है और कुछ समय बाद अपने आप ही ठीक हो जाती है।

2. सुबह- सुबह काली मिर्च को सूंघने से सांस की जलन व अस्थमा जैसी सांस संबंधी समस्याएं हो सकती हैं।

3. काली मिर्च का ज्यादा सेवन करने से पेट खराब हो सकता है और गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल समस्याएं भी शुरू हो सकती हैं।

4. काली मिर्च से एलर्जी होने की स्थिति में यह त्वचा में खुजली, सूजन और लालिमा जैसे लक्षण भी उत्पन्न कर सकती है।

5. गर्भवती व स्तनपान करवाने वाली महिलाओं को काली मिर्च का सेवन नहीं करना चाहिए। गर्भावस्था के दौरान शरीर मसालों के प्रति काफी संवेदनशील होता है और स्तनपान के दौरान काली मिर्च की गर्माहट से शिशु को नुकसान पहुंच सकता है।

6. गर्मी के मौसम में काली मिर्च के अत्यधिक सेवन से नाक से खून निकलने की समस्या हो सकती है।

7. पेशाब में जलन होने की स्थिति में इसके सेवन से बचें।

8. काली मिर्च का अत्यधिक इस्तेमाल फेफड़ों को अवरुद्ध कर सकता है। सांस लेने में दिक्कत होती हो तो इसका इस्तेमाल सीमित मात्रा में करें।

9. काली मिर्च के पाउडर का ज्यादा सेवन करने से गले में खराश और जलन जैसी समस्याएं हो सकती हैं।

10. काली मिर्च को आंख के सीधे संपर्क में आने से बचाना चाहिए। इससे आंखों में जलन हो सकती है।

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