करेले के जूस के फायदे, औषधीय गुण, नुकसान – Benefits Of Bitter Gourd And Its Side Effects In Hindi

करेला जूस के फायदे के सुनकर आप आश्‍चर्य न करें, क्‍योंकि करेले का जूस पीने के लाभ बहुत अधिक हैं। करेला भले ही स्वाद में कड़वा हो लेकिन करेले के जूस के फायदे जानकर आप भी हैरान हो जायेगे जी हां बिटर गॉर्ड या करेला एक चिकित्स्कीय औषधि है करेले में कई औषधीय गुण पाए जाते है जो स्वस्थ रहने के लिए लाभदायक माने जाते है हरा करेला पके हुए पीले रंग के करेले की अपेक्षा अधिक लाभदायक है इसलिए हमेशा हरे रंग के करेले का ही उपयोग करना चाहिए। करेले का सेवन हमें बुखार और संक्रामक रोगों से शरीर की रक्षा करता है।

करेले में विटामिन ‘ए’ सर्वाधिक एवं ‘बी’, ‘सी’ और खनिज-कैल्शियम, फॉस्फोरस, आयरन, कॉपर, पोटेशियम पाया जाता है। करेले के बेहतरीन स्वास्थ्य वर्धक गुणों के अलावा एक और खास बात यह है की इसको सुखाकर रखने पर भी इसके औषधिय गुण नष्ट नहीं होते हैं। करेले में फास्फोरस काफी मात्रा में पाया जाता है इसीलिए यह दाँत, मस्तिष्क, हड्डी, ब्लड और अन्य शारीरिक अंगो के लिए जरुरी फास्फोरस की पूर्ति करता है |

करेले का जूस दर्द दूर करता है, शरीर में शक्ति पैदा करता है। करेले के जूस को खाली पेट पीना अधिक लाभदायक है। करेला अपने कड़वे स्‍वाद के कारण भले ही आपको पसंद ना हो लेकिन मधुमेह में करेला जूस लाभकारी होता है। करेला एक सब्जी न होकर एक प्रकार का कड़वा फल है। लेकिन औषधीय गुण होने के कारण करेले के जूस पीने का फायदा कई बीमारियों को दूर करने में होता है। करेला जूस के लाभ कई गंभीर बीमारियों को दूर करने में सहायक होते हैं। करेले के जूस के फायदे न केवल स्‍वास्‍थ्‍य बल्कि सौंदर्य संबंधी त्‍वचा समस्‍याओं के लिए भी होते हैं।

करेला रस के फायदे वजन कम करने, हृदय को स्‍वस्‍थ रखने, कैंसर का उपचार करने आदि में होते हैं। करला जूस पीने का फायदा हेल्‍दी हेयर, डैंड्रफ और बालों को झड़ने से बचाता है। इस लेख में करेला जूस के फायदे और नुकसान संबंधी जानकारी उपलब्‍ध है।

करेला जूस क्‍या है – Karela Juice Kya Hai 

बिटर गॉर्ड या करेला कड़वे स्‍वाद वाला एक फल है जिसे हम सभी लोग सब्‍जी के रूप में उपयोग करते हैं। बहुत से लोग करेला को बिटर मेलन (Bitter Melon) के नाम से जानते हैं। करेला का वैज्ञानिक नाम मोमोर्डिका चैरंटिया (Momordica charantia) है। हालांकि करेला को अलग-अलग जगह पर कई नामों से जाना जाता है। करेला का नाम सुनते हैं दिमाग में इसका कड़वा स्‍वाद और आकृति उभरने लगती है। करेले का रंग गहरा हरा होता है। इसका पौधा एक प्रकार की वेल है जो विशेष रूप से ठंडी के मौसम में अपने फल और फूल देती है।

करेला जूस के पोषक तत्‍व – Karela juice ke Poshak Tatva 

करेले का जूस पीने से क्या फायदा होता है यह अधिकांश लोगों को शायद पता न हो। लेकिन करेले के जूस में मौजूद पोषक तत्‍व और खनिज पदार्थ हमें कई स्‍वास्‍थ्‍य समस्‍याओं से बचा सकते हैं। करेले के रस में आयरन, मैग्नीशियम, पोटेशियम, विटामिन सी, फाइबर आदि की अच्‍छी मात्रा होती है। 100 ग्राम करेले के अनुसार पोषक तत्‍वों में 13 मिली ग्राम सोडियम के साथ लगभग 34 कैलोरी होती है। इसके अलावा पोटेशियम 6.2 ग्राम, कार्बोहाइड्रेट 7 ग्राम और प्रोटीन लगभग 3.6 ग्राम होता है। आइए जाने करलेा जूस के फायदे क्‍या हैं।

करेले के जूस के फायदे अच्छी हेल्थ के लिए –Bitter Gourd Juice Benefits For Health 

पोषक तत्‍वों और औषधीय गुणों से भरपूर करेला (Bitter Gourd) जूस के फायदे विभिन्‍न प्रकार की सामान्‍य और गंभीर स्‍वास्‍थ्‍य समस्‍यओं को दूर करने में प्रभावी होते हैं। आप भी अपनी स्‍वास्‍थ्‍य समस्‍याओं को दूर करने के लिए करेले के जूस के लाभ ले सकते हैं। आइए जाने करेला जूस के फायदे किन स्‍वास्‍थ्‍य समस्‍याओं को दूर करने में सहायक होते हैं।

करेला जूस के लाभ कोलेस्‍ट्रॉल कम करे – Karela Juice ke labh Cholesterol kam kare 

अध्‍ययनों से पता चलता है कि करेला के जूस में एंटी-इंफ्लामेटरी गुण होते हैं। इस गुण के कारण करेले का जूस शरीर में मौजूद खराब कोलेस्‍ट्रॉल के स्‍तर को कम करने में सहायक होता है। शरीर में खराब कोलेस्‍ट्रॉल की अधिक मात्रा हृदय रोग, दिल का दौरा और स्‍ट्रोक आदि समस्‍याओं का कारण बन सकता है। इसके अलावा करेला जूस पीने के फायदे रक्‍तचाप को भी नियंत्रित करने में सहायक होते हैं। क्‍योंकि करेला में पोटेशियम की अच्छी मात्रा होती है। आयरन और फोलिक एसिड से भरपूर होने के कारण करेला का जूस स्‍ट्रोक संबंधी लक्षणों को भी दूर करता है। आप भी अपने शरीर को स्‍वस्‍थ रखने के लिए करेले के जूस को अपने दैनिक आहार में शामिल कर लाभ ले सकते हैं।

करेला रस के फायदे वजन कम करे – Karela ras ke fayde Vajan kam kare 

वजन कम करने के लिए करेला जूस बहुत ही लाभकारी होता है। ऐसा इसलिए है क्‍योंकि करेले के रस में वसा और कार्बोहाइड्रेट की मात्रा बहुत ही कम होती है। इसके अलावा फाइबर की उच्‍च मात्रा आपको लंबे समय तक पूर्णता का एहसास कराती है। जिससे आपको भूख कम लगती है और वजन घटाने में आपको मदद मिलती है। एक अध्‍ययन के अनुसार करेला जूस का उपयोग शरीर में वसा कोशिकाओं के विकास और नई कोशिकाओं के निर्माण को रोकने में सहायक होता है। जिसके कारण शरीर में वसा या फैट को नियंत्रित किया जा सकता है। इसलिए करेला जूस को मोटापा कम करने का प्राकृतिक उपाय माना जाता है। यदि आप भी अपना वजन कम करने के अन्‍य उपायों में करेले के जूस को शामिल कर लाभ प्राप्‍त कर सकते हैं।

करेला जूस के फायदे प्रतिरक्षा शक्ति बढ़ाये – Karela Juice For Boost Immunity system 

करेले के जूस में एंटी-वायरल और एंटी-बैक्‍टीरियल गुण होते हैं जो आपकी प्रतिरक्षा शक्ति को मजबूत करने में सहायक होते हैं। इसके अलावा नियमित रूप से करेले का जूस पीने के फायदे एलर्जी और अपचन जैसी समस्‍याओं को भी नियंत्रित करने में सहायक होते हैं। करेला में मौजूद एंटीऑक्‍सीडेंट फ्री रेडिकल्‍स के प्रभाव को कम करके कोशिकाओं की रक्षा करते हैं। एक अध्‍ययन के अनुसार करेले के जूस में कार्सिनोजेन और एंटीट्यूमर गुण होते हैं। जिसके कारण यह प्रोस्‍टेट, स्‍तन और गर्भाशय ग्रीवा के कैंसर का उपचार करने में मदद मिल सकती है।

करेला जूस पीने के फायदे आंखों के लिए – Karela Juice peene ke fayde aankho ke liye 

आंखों से संबंधित समस्‍याओं को दूर करने के लिए करेला जूस का उपयोग औषधीय प्रयोजन के लिए किया जा सकता है। ऐसा इसलिए है क्‍योंकि करेले के जूस में बीटा-कैरोटीन और विटामिन ए की अच्‍छी मात्रा होती है। बीटा-कैरोटीन दृष्टि संबंधी समस्‍याओं जैसे मोतियाबिंद और रतौंधी आदि को रोकने में प्रभावी है। यदि आप भी अपनी आंखों की रोशनी बढ़ाना चाहते हैं तो नियमित रूप से करेले के जूस का सेवन करें। इसके अलावा थकान के कारण आंखों के नीचे के काले घेरे को दूर करने के घरेलू उपाय के रूप में भी करेले के जूस का सेवन किया जा सकता है।

करेला जूस का फायदा श्वसन विकार के लिए – Karela Juice ka Fayda Respiratory Disorders ke liye 

नियमित रूप से सेवन करने पर करेला जूस का फायदा श्वसन संबंधी विकारों को दूर करने में होता है। अध्‍ययनों से पता चलता है कि करेला के जूस में ऐसे पोषक तत्‍व और खनिज पदार्थ भरपूर मात्रा में होते हैं जो दमा, सर्दी खांसी और श्वांस संबंधी अन्‍य समस्‍याओं को प्रभावी होता है। करेला जूस का सेवन करने के साथ ही विकल्‍प के रूप में आप करेला के पत्‍तों के पेस्‍ट को शहद, तुलसी आदि के साथ मिलाकर भी सेवन कर सकते हैं।

करेला जूस का उपयोग लीवर स्‍वस्‍थ रखे – Karela Juice ka Upyog Liver swasth rakhe 

लीवर संबंधी समस्‍याओं को दूर करने के लिए भी करेला जूस बहुत ही फायदेमंद होता है। नियमित रूप से करेला के जूस का सेवन कर आप लीवर में मौजूद बैक्‍टीरिया और संक्रमण आदि को दूर करने में मदद मिलती है। इसके लिए आप नियमित रूप से प्रतिदिन 1 गिलास करेले के जूस का सेवन कर सकते हैं। ऐसा माना जाता है कि लगभग 1 सप्‍ताह तक नियमित रूप से करेले के जूस का सेवन करने पर यह लिवर को पूर्ण रूप से स्‍वस्‍थ कर सकता है।

करेला जूस के गुण रखे कब्‍ज को दूर – Karela Juice ke gun rakhe kabj ko dur 

फाइबर की उच्‍च मात्रा के कारण करेले का जूस पाचन संबंधी समस्‍याओं को दूर करने में सहायक होता है। फाइबर की उच्‍च मात्रा होने के कारण यह भोजन को उचित ढंग से पचाने में सहायक होता है। जिससे कब्‍ज जैसी पेट की समस्‍याओं को प्रभावी रूप से रोका जा सकता है। यदि आप भी कब्‍ज की समस्‍या से परेशान हैं तो अन्‍य फाइबर युक्‍त खाद्य पदार्थों के साथ ही करेले के जूस को अपने नियमित आहार में शामिल करें।

करेले का जूस पीने के फायदे त्‍वचा के लिए – Better Gourd Benefits for Skin 

त्‍वचा संबंधी समस्‍याओं को दूर करने के बहुत से घरेलू उपाय होते हैं। लेकिन आपको जानकर हैरानी होगी कि करेले का जूस पीने के फायदे त्‍वचा संबंधी समस्‍याओं से छुटकारा दिला सकते हैं। ऐसा इसलिए है क्‍योंकि करेला में पार्याप्‍त मात्रा में पोषक तत्‍व होते हैं जो त्‍वचा को पोषण देते हैं। साथ ही इसमें मौजूद एंटीऑक्‍सीडेंट फ्री रेडिकल्‍स से त्‍वचा कोशिकाओं की रक्षा करते हैं। आइए समझें कि करेले का जूस कौन सी त्वचा समस्‍याओं को दूर कर सकता है।

करेले के जूस के लाभ त्‍वचा संक्रमण के लिए – Karele ke Juice ke labh Twacha sankrman ke liye 

त्‍वचा में होने वाले अधिकांश संक्रमण बैक्‍टीरिया के प्रभाव से होते हैं। करेले के जूस में एंटी-बैक्‍टीरियल गुण होते हैं जो त्‍वचा में मौजूद संक्रमण और बैक्‍टीरिया दोनों को कम करने में सहायक होते हैं। नियमित रूप से सेवन करने पर करेला के जूस का फायदा एक्जिमा, सोरायसिस, दाद, एथलीट फुट जैसी त्‍वचा समस्‍याओं के लिए होता है। आप भी अन्‍य प्रकार की बैक्‍टीरियल और फंगल संबंधी त्‍वचा संक्रमण से बचने के लिए करेले के जूस का सेवन कर सकते हैं।

करेले के जूस के गुण एंटी-एजिंग – Karela Juice for Anti-Aging 

करेले में विटामिन सी होता है जो कि एक शक्तिशाली एंटीऑक्‍सीडेंट होता है। जिसके कारण यह त्‍वचा कोशिकाओं को फ्री रेडिकल्‍स के प्रभाव से बचाता है। इन फ्री रेडिकल्‍स के प्रभाव के कारण ही त्‍वचा में झुर्रियां और अन्‍य प्रकार के बुढ़ापे संबंधी लक्षण आते हैं। यदि आप भी समय से पहले बुढ़ापे संबंधी लक्षणों को दूर करना चाहते हैं तो अपने दैनिक आहार में करेले के जूस को शामिल कर लाभ ले सकते हैं।

करेला जूस के लाभ बालों के लिए डैंड्रफ के लिए Bitter melon Benefits for Hair, Dandruff

स्‍वास्‍थ्‍य और त्‍वचा संबंधी लाभ के साथ ही करेला के जूस के फायदे बालों संबंधी समस्‍याओं को दूर करने में सहायक होते हैं। करेले के रस का उपयोग करने पर यह बालों को पर्याप्‍त पोषण देने और इन्‍हें मजबूत करता है। आप भी अपने बालों को बढ़ाने और इन्‍हें घना करने के लिए बालों में करेले के रस का उपयोग कर सकते हैं।

आप अपने बालों को प्राकृतिक चमक दिलाने के लिए करेले के जूस का इस्‍तेमाल कर सकते हैं। इसके लिए आप 1 कप करेले के रस में कुछ दही मिलाएं और इसे अपने बालों में लगाएं। इस हेयर मॉस्‍क के सूखने के बाद आप अपने बालों को हल्‍के शैम्‍पू से धो लें। कुछ दिनों तक नियमित रूप से उपयोग करने पर यह आपके बालों को चमकदार बना सकता है।

करेला के जूस के फायदे डैंड्रफ जैसी समस्‍याओं को दूर करने में सहायक होते हैं। डैंड्रफ आज के समय में एक आम समस्‍या बन चुकी है जो विशेष रूप से अस्‍वस्‍थ्‍यकर भोजन और पर्यावरणीय प्रदूषण के कारण होता है। डैंड्रफ को दूर करने के लिए आप करेले के रस और जीरा पाउउर को मिलाकर एक हेयर मॉस्‍क तैयार करें। इस मिश्रण को अपने बालों में सही तरीके से लगाएं और सूखने के बाद आप इसे सामान्‍य पानी से धो लें। इस हेयर पैक का नियमित उपयोग करने से आपको 1 ही माह में डैंड्रफ से छुटकारा मिल सकता है।

करेला जूस बनाने की विधि – karele ka Juice banane ki vidhi 

करेला का जूस बनाने से पहले आप करेला को अच्‍छी तरह से धो लें। इसके बाद आप करेला की ऊतरी हरी परत या छिलका को किसी छिलनी की मदद से दूर कर लें। अब इन करेला को छोटे छोटे पीस में काटें और इसके बीजों को निकाल कर अलग कर लें। आप करेला की कड़वाहट को दूर करने के लिए इसे पानी से भरे कटोरे में 20 से 25 मिनिट के लिए रखें। आप चाहें तो इस मिश्रण में थोड़ा नमक भी मिला सकते हैं जो करेला की अतिरिक्‍त कड़वाहट को दूर कर सकता है।

इसके बाद आप इन करेला को किसी ब्‍लैंडर की मदद से पेस्‍ट बना लें। आप इसमें अपने स्‍वाद के अनुसार सेब का सिरका, नींबू का रस या पानी आदि को भी मिला सकते हैं। जब यह मिश्रण अच्‍छी तरह से पेस्‍ट बन जाए तब छन्‍नी की मदद से छान का तरल पदार्थ निकाल लें। आप इस मिश्रण को फ्रिज में ठंडा होने दें और पीने के दौरान नींबू, सेंधा नमक, काली मिर्च और अन्‍य मसालों का उपयोग करें। प्रत्येक बार ताजा जूस ही निकाल कर पीना ज्यादा फायदेमंद है।

करेले का जूस कब पीना चाहिए – Karele ka Juice kab peena chahiye 

सामान्‍य रूप से करेले का जूस पीने का कोई भी समय निर्धारित नहीं है। आप अपनी सुविधा के अनुसार दिन में कभी भी करेले के जूस का सेवन कर सकते हैं। हालांकि कुछ लोगों का मानना है कि सुबह के समय खाली पेट करेले के जूस का सेवन अधिक लाभकारी होता है। इसके अलावा आप अपने सुबह के नाश्‍ते के पहले, दोपहर के भोजन के बाद और रात्रि के भोजन के लगभग आधे से एक घंटे पहले करेले के जूस का सेवन कर सकते हैं।

करेले के नुकसान –  Side Effect of Bitter In Hindi

डायबिटीज से लेकर वजन घटाने तक, करेले का सेवन यकीनन कई फायदों से भरा है। लेकिन हर किसी के लिए करेले का अत्याधिक सेवन सिर्फ फायदों से भरा हो, ऐसा जरूरी भी नहीं है।

 

स्टाइलक्रेज वेबसाइट में विभिन्न शोधों के आधार पर जानें करेले का अधिक सेवन करने के ये साइड इफेक्ट जो आपको अब तक नहीं पता होंगे।

गर्भावस्था में नुकसानदायक

करेले के रस में मोमोकैरिन नामक तत्व होता है जो पीर‌ियड्स का फ्लो बढ़ा देता है। गर्भावस्था के दौरान इसका अधिक सेवन गर्भपात का कारण हो सकता है। कई बार यह गर्भावस्था के दौरान पीरियड्स की स्थिति भी पैदा कर सकता है।
करेले में एंटी लैक्टोलन तत्व भी हैं जो गर्भावस्था के दौरान दूध बनने की प्रक्रिया में बाधा डालते हैं।

फर्टिलिटी पर प्रभाव

न केवल गर्भावस्था बल्कि गर्भधारण की चाह रखने वाली महिलाओं और पुरुषों के लिए इसका सेवन नुकसानदायक हो सकता है। फर्टिलिटी से संबंधित दवाओं का असर करेले में मौजूद तत्व खत्म कर देते हैं। इसमें मौजूद एमएपी 30 नामक तत्व का कुत्तों पर किए गए परीक्षण में यह माना गया है लेकिन इसपर अभी काफी अध्ययन की आवश्यकता है।

लिवर व क‌िडनी संबंधी रोग में नुकसानदायक

लिवर व किडनी के मरीजों के लिए के लिए इसका अत्याधिक सेवन नुकसानदायक हो सकता है। यह लिवर में एन्जाइम्स का निर्माण बढ़ा देता है जिससे लिवर प्रभावित होता है। करेले का बीज में लेक्टिन नामक तत्व है जो आंतों तक प्रोटीन के संचार को रोक सकता है।

हाइपोग्लाइकेमिया कोमा

करेले का सेवन शुगर कम करता है लेकिन आवश्यकता से अधिक रक्त में शुगर का स्तर इतना कम कर देता है कि यह हाइपोग्लाइकोम‌िया कोमा नामक मानसिक समस्या का कारण हो सकता है।

हेमोलाइटिक अनीमिया

करेले के अत्याधिक सेवन से हेमोलाइट‌िक अनीमिया हो सकता है। इस स्थिति में पेट में दर्द, सिर दर्द, बुखार या कोमा जैसी समस्याएं हो सकती हैं।

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